प्रिय नागपुर वासियों
यह चुनौती स्वीकार करें
नागपुर को गर्मी में गर्म होने से बचाएं
छतों पर क्लाइमेट कूलर लगाएं
नागपुर शहर को ठंडा रखने में मदद करें
दुनिया को एक नई दिशा दिखाएं
ग्लोबल वार्मिंग से बचाकर दिखाएं
विशालतम महा प्रयोग के हिस्सेदार बनें
प्रिय नागपुर वासियों
नमस्कार
क्लाइमेट कूलर छत पर लगाया जाने वाला एक विशाल कूलर है। इसे एक ग्रीन नेट शेड मंगल मंडप के रूप में विकसित किया गया है। इस मंगल मंडप के गमलों में छोटे पेड़-पौधे लगाएं जाते हैं। यह सिस्टम बड़े पेड़ की तरह काम करता है । जो शीतल छांव और आक्सीजन भी देता है। कार्बन डाइऑक्साइड सोखकर वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है। शहर के प्रदूषण को कम करने में मदद करता है।
यह आपके सीमेंट कंक्रीट के मकान को गर्म होने से बचाएगा। मकान को छांव प्रदान करेगा। एसी , कूलर और पंखों में महंगी बिजली की खपत को कम करेगा। साथ ही में आपके शहर के लिए साल भर ठंडी हवाओं का निर्माण करेगा। देश और दुनिया का तापमान बढ़ने से रोकेगा। ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले नुकसान को कम करेगा।
ग्रीन नेट शेड मंगल मंडप से युक्त क्लाइमेट कूलर के निर्माण की विधि संक्षेप में दी गई है। यह बहुत ही सरल, सस्ती और आसान है।
1) सात आठ फुट लंबे बांस अथवा बल्ली को छत पर सीमेंट कंक्रीट के माध्यम से मजबूती से स्थापित करें।
दूसरा उपाय लोहे के एक , सवा या डेढ़ इंच के स्केअर पाइप काट लें। उसके दोनों ओर दो - दो सुत के दो छेद कर लें। उसे दस दस फुट के अंतर पर सीमेंट कंक्रीट की मदद से छत पर मजबूती से फिक्स करें।
2) आड़े और खड़े बांस या बल्ली या लोहे के स्केअर पाइप को नट बोल्ट से कस लें या लोहे के तार से कसकर बांधें।
3) इस तैयार मंगल मंडप पर लोहे के पतले तार की मदद से एग्रीकल्चर ग्रीन नेट बांध लें। बाजार में उपलब्ध १० फुट चौड़ी ५० या ७५ प्रतिशत घनत्व की एग्रीकल्चर ग्रीन नेट का उपयोग करें।
4) इस ग्रीन नेट शेड मंगल मंडप में छोटे पेड़-पौधे गमलों में या ग्रो बैग में जरूर लगाएं। पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखें। पेड़ पौधो को सुखने नहीं दें। तभी क्लाइमेट कूलर नाम की यह सिस्टम एक बड़े बरगद के पेड़ जैसे काम करेगा। पुराने पेड़ जैसी छाया , शीतल हवा और आक्सीजन प्रदान करेगा।
5) अगर आप इस प्रकृति की अच्छी और सच्ची सेवा के लिए उत्सुक है। तब इसी मंगल मंडप में एक छोटी सी फॉगिंग मशीन जरूर लगा लें। इस मशीन को दोपहर में शुरू करें। जो पानी और ग्लीसरीन की मदद से बादलों का निर्माण करेगी। यह आपके घर और शहर के लिए एक अतिरिक्त छांव का निर्माण करेंगा। ऐसे बादल पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बढ़ती गर्मी से राहत दिलाने में मददगार है। धरती मां को गर्म होने से बचाएंगे।
इस धरती मां को आपकी सेवाओं की सख्त जरूरत है। इस बूढ़ी होती धरती मां के काम आइए। उसे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से बचाइए। ताकि यह धरती अगली पीढ़ी को भी काम में आएं। याद रखें हमारे पास एक ही धरती मां है। उसका नाम है पृथ्वी ग्रह। इस विशालतम महा प्रयोग के हिस्सेदार बनें। देश और दुनिया को ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने में राह दिखाएं। धन्यवाद।









